Download रामायण कथा | लंका काण्ड (भाग -2) MP3 Song Free
Track Details & Info
| Song Title | : रामायण कथा | लंका काण्ड (भाग -2) |
| Artist / Channel | : Tilak |
| Audio Duration | : 02:08 Min |
| File Size | : 2.93 MB |
| Audio Bitrate | : 192 kbps High Quality |
| Release Date | : March 01, 2022 |
| Total Streams | : 106,282,281 views |
Stream full audio track for रामायण कथा | लंका काण्ड (भाग -2) performed by Tilak. This audio track has a total file size of 2.93 MB running for 02:08 minutes with full HD sound clarity. Download this popular track for free on Android, iPhone, iPad, Windows PC, or Mac.
Searching for lyrics, official video streams, and MP3 download links for रामायण कथा | लंका काण्ड (भाग -2)? Our music aggregator provides fast download servers for an enhanced music experience. Explore related music releases and top trending songs in our recommendations below MP3 Music Download.
Description & Lyrics
Watch the Video Song "काल भैरव अष्टक " : https://youtu.be/aYRSXSJuJxk
Watch the video song of ''Har Ghar Mandir Har Ghar Utsav"' here - https://youtu.be/dsLUAP58ARc
प्रभु श्री राम की जन्मभूमि अयोध्या में भव्य मंदिर निर्माण और उनके स्वागत के प्रति उल्लास एवं उत्साह व्यक्त करती हुई लिए तिलक की नवीन प्रस्तुति "हर घर मंदिर हर घर उत्सव"।
"Har Ghar Mandir Har Ghar Utsav" -A new presentation by Tilak expressing joy and enthusiasm for the grand temple construction at Lord Shri Ram's Janmbhoomi, Ayodhya.
Watch the story of "Lanka Kaand (bhaag -2)" now!
रावण की लंका पर आक्रमण करने से पहले श्री राम रावण को एक और मौक़ा देने के लिए अंगद को अपना दूत बना कर भेजते हैं। अंगद रावण के सभा में जाते हैं और उसे समझाते हैं की वो युद्ध करने से बचना चाहता है तो माता सीता को आदर पूर्वक श्री राम को लौटा दे श्री राम उसे माफ़ कर देंगे और वापस लौट जाएँगे। रावण अंगद की के भी नहीं सुनता और श्री राम का उपहास उड़ता हैं तो अंगद को क्रोध आ जाता है और वो रावण को कहता है की श्री राम को तुच्छ समझने वाले रावण यदि तेरी इस सभा में कोई भी वीर मेरे पैर को ज़मीन से हिला भी देगा तो मैं वादा करता हूँ श्री राम बिना माता सीता के और युद्ध किए बिना वापस लौट जाएँगे आया कह कर अंगद अपना पाँव जमा लेता हैं रावण की सभा में सभी अंगद के पाँव को हिलाने की कोशिश करते हैं लेकिन उठा नहीं पाते तो रावण आगे आता है। अंगद रावण को अपने पैर पकड़ने से मना करता है और कहते हैं की अगर पैर पकड़ने ही हैं तो श्री राम के पकड़े। अंगद वापस लौट जाता है और श्री राम को सारी बात बता देता हैं। आख़िर कर युद्ध शूर हो जाता है और रावण की सेना श्री राम की सेना मीन युद्ध शुरू हो जाता है। श्री राम के वीर योद्धा रावण के बहुत सारे सेनानियों को मार देते हैं और रावण को बहुत ठेस पहुँचती हैं। रावण की सने आक वीर योद्धा अतिकाय रावण के कहता है की अब वह युद्ध में जाएगा और श्री राम और उनकी सेना को पल भर में मृत्यु के द्वार पर पहुँचा देगा यह कह कर अतिकाय युद्ध करने जाता है। अतिकाय के युद्ध में आते ही कोहराम मच जाता है और अतिकाय श्री राम को ललकारता तो शरीर आम उस से युद्ध करने के लिए चल पड़ते हैं दोनों में युद्ध शुरू हो जाता है। श्री राम भी अतिकाय को मार नहीं पा रहे थे तो विभीषण श्री राम को उसे मारने में मदद करता है और अतिकाय के अनेक रूपों में से एक असली रूप को खोजने में मदद करता हैं। श्री राम अतिकाय को भी मृत्यु के घाट उतर देते हैं। रावण अतिकाय की मृत्यु पर शोक में भर जाता है और अपने मित्र के पितर की मृत्यु का बदला लेने के लिए स्वयं मैदान में चला जाता है। रावण को रोकने के लिए सुग्रीव हनुमान जी अंगद जैसे वीर जाते हैं लेकिन रावण का कुछ नहीं बिगाड़ पाते। रावण श्री राम को युद्ध के लिए ललकारता है तो श्री राम उस से युद्ध करने आ जाते हैं। दोनों में युद्ध होता है श्री राम रावण को युद्ध में निहत्था कर देते हैं और रावण को अपमानित करते हुए कहते हैं रघुकुल के क्षत्रिय किसी भी निहत्थे शत्रु पर वार नहीं करते और उसे जीवन दान देते हुए वापस जाने को कहते हैं। रावण अपमानित होकर पैदल वापस लौट जाता है और रात्रि में अपने नाना जी के साथ श्री राम से युद्ध एक बारे में बात करता है की श्री राम कोई साधारण व्यक्ति नहीं हैं उसके बाण मेरे बाणों को आसानी से काट राहे थे। रावण स्वयं को सम्भाल हराने से बचाने के लिए अपने सभी असुर मित्रों को एकत्रित करने के लिए भेजता हैं तो रावण के नाना रावण को कहते हैं की उसे असुर मित्रों के एकत्रित करने के बजाए कुम्भकर्ण को युद्ध में भेजने की बात कहता है। रावण कुम्भकर्ण को जगाने कि लिए अपने सैनिकों को आदेश दे देता हैं।
रामायण के सभी एपिसोड और भजन देखने के लिए Subscribe करें तिलक YouTube चैनल को।
Subscribe to Tilak for more devotional contents - https://bit.ly/SubscribeTilak
रामायण एक भारतीय टेलीविजन श्रृंखला है जो इसी नाम के प्राचीन भारतीय संस्कृत महाकाव्य पर आधारित है। यह श्रृंखला मूल रूप से 1987 और 1988 के बीच दूरदर्शन पर प्रसारित हुई थी।
इस श्रृंखला के निर्माण, लेखन और निर्देशन का श्रेय श्री रामानंद सागर को जाता है। यह श्रृंखला मुख्य रूप से वाल्मीकि रचित 'रामायण' और तुलसीदास रचित 'रामचरितमानस' पर आधारित है।
इस धारावाहिक को रिकॉर्ड 82 प्रतिशत दर्शकों ने देखा था, जो किसी भी भारतीय टेलीविजन श्रृंखला के लिए एक कीर्तिमान है।
निर्माता और निर्देशक - रामानंद सागर
सहयोगी निर्देशक - आनंद सागर, मोती सागर
कार्यकारी निर्माता - सुभाष सागर, प्रेम सागर
मुख्य तकनीकी सलाहकार - ज्योति सागर
पटकथा और संवाद - रामानंद सागर
संगीत - रविंद्र जैन
शीर्षक गीत - जयदेव
अनुसंधान और अनुकूलन - फनी मजूमदार, विष्णु मेहरोत्रा
संपादक - सुभाष सहगल
कैमरामैन - अजीत नाइक
प्रकाश - राम मडिक्कर
साउंड रिकॉर्डिस्ट - श्रीपाद, ई रुद्र
वीडियो रिकॉर्डिस्ट - शरद मुक्न्नवार
पात्र
राम के रूप में अरुण गोविल
सीता के रूप में दीपिका चिखलिया
लक्ष्मण के रूप में सुनील लहरी
रावण के रूप में अरविंद त्रिवेदी
हनुमान के रूप में दारा सिंह
भरत के रूप में संजय जोग
शत्रुघ्न के रूप में समीर राजदा
सुग्रीव / वली के रूप में श्यामसुंदर कालाणी
इंद्रजीत (मेघनाद) के रूप में विजय अरोड़ा
दशरथ के रूप में बाल धुरी
कौशल्या के रूप में जयश्री गडकर
कैकेयी के रूप में पद्म खन्ना
सुमित्रा के रूप में रजनी बाला
विभीषण के रूप में मुकेश रावल
कुंभकर्ण के रूप में नलिन दवे
मंदोदरी के रूप में अपराजिता
इंद्र के रूप में सतीश कौल
मंथरा के रूप में ललिता पवार
In association with Divo - our YouTube Partner
#Ramayan #RamayanonYouTube